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ट्रंप का फैसला, H-1B :

संगबाद भास्कर न्यूज़ डेस्क : H-1B वीजा एक गैर-अप्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को कुछ व्यवसायों के लिए विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने की अनुमति देता है, जहां सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।

प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से प्रत्येक वर्ष दसियों हजार कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं। आमतौर पर H-4 वीजा उन लोगों को जारी किया जाता है, जिन्होंने पहले ही अमेरिका में रोजगार, अमेरिका के ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट और ऑफिस ऑफ इंफॉर्मेशन एंड रेगुलेटरी अफेयर्स ने सोमवार को नियम को वापस ले लिया गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान H-1B वीजाधारकों के जीवनसाथियों को रोजगार की इजाजत दी गई थी। ट्रंप प्रशासन ने सत्ता में आने के तुरंत बाद 2017 में इस नियम को रद्द करने की घोषणा की। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व वाला ट्रंप प्रशासन अपने शासन के चार वर्षों में इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर सका। राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान बाइडेन ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले को वापस लेने का वादा किया था।

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