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पैंगोंग के बाद अब डेप्सांग, गोगरा और हॉट स्प्रिंग से चीन की छुट्टी करेगा भारत, जानें कब हो सकती है वार्ता :

संगबाद भास्कर न्यूज़ डेस्क : पेंगोंग लेक इलाके से सेनाओं की वापसी शुरू होने के बाद सेना ने अब तीन अन्य स्थानों- डेप्सांग, गोगरा और हॉट स्प्रिंग से टकराव खत्म करने और सेनाओं की पूर्ण वापसी और पेट्रोलिंग को लेकर रणनीति बनाने पर कार्य शुरू कर दिया है। सेना के सूत्रों ने कहा कि इस महीने के आखिर में दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच दसवें दौर की वार्ता हो सकती है, जिसमें ये स्थान चर्चा का विषय होंगे।

एलएसी पर चार स्थानों पर टकराव की स्थिति बनी हुई थी। इनमें सबसे ज्यादा टकराव पेंगोंग लेक इलाके में था। लेकिन इसके अलावा डेप्सांग में भी सेनाएं आमने-सामने हैं। हालांकि वहां टकराव के दौरान यथास्थिति में बदलाव नहीं हुआ था। जबकि गोगरा और हॉट स्प्रिंग में सेनाएं पहले थोड़ा पीछे हटी हैं लेकिन इन इलाकों में भी मई 2020 से पहले की स्थिति अभी बहाल होनी बाकी है। कहने का तात्पर्य यह है कि पेंगोंग में पूर्व की स्थिति बहाल होने का रास्ता साफ हो चुका है। लेकिन बाकी तीन इलाकों पर अभी वार्ताओं के दौर होंगे।

लेफ्टनेंट जनरल राजेन्द्र सिंह (रिटायर्ड) के अनुसार, पेंगोंग से दोनों सेनाओं के बीच टकराव खत्म होने के समझौते के बाद अब बाकी जगहों पर भी तनाव घटने की उम्मीद है। पेंगोंग में भारतीय सेना ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर जिस प्रकार पोजीशन संभाल ली थी, उस स्थिति में चीनी सेना के पास समझौता करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। यदि वास्तव में चीन तनाव को खत्म करने का इच्छुक है तो अगली बैठकों में तीनों स्थानों पर भी पूर्व की स्थिति जल्द कायम हो जाएगी।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक दिन पहले संसद में कहा था कि पेंगोंग से सेनाओं की पूर्ण वापसी होने के बाद शेष बचे मुद्दों पर भी बात होगी जिसमें उनका इशारा इन्हीं स्थानों को लेकर था। पेंगोंग के खाली होने के दो दिनों के भीतर वरिष्ठ कमांडर स्तर की बातचीत में इन मुद्दों पर चर्चा होगी।

सूत्रों के अनुसार इसके बाद भारत की तरफ से गश्त को बहाल करने पर जोर दिया जाएगा। मौजूदा समझौते में फिंगर क्षेत्र में गश्त को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला किया गया है। लेकिन राजनयिक स्तर पर वार्ता के बाद इसे फिर से पूर्व की स्थिति में शुरू किया जाएगा। पूर्व में भारत फिंगर-8 तक गश्त करता रहा है, जबकि चीन फिंगर-4 तक गश्त करता रहा है। गश्त दोनों के अपने-अपने दावों के आधार पर की जा रही थी। इसलिए जब तक सीमा का विवाद सुलझ नहीं जाता, भारत इस स्थिति को कायम रखना चाहता है।

तीन स्थानों पर पेट्रोलिंग मुख्य मुद्दा
सेना के सूत्रों ने कहा कि तीन स्थानों पर मुख्य मुद्दा पूर्व की भांति गश्त की बहाली का होगा। इन स्थानों पर पेंगोंग लेक जैसे हालात नहीं हैं। इन स्थानों पर दोनों देशों की सेनाएं पहले ही पीछे हटी हैं लेकिन सिर्फ यह देखा जाना बाकी है कि वहां पूर्व की स्थिति बहाल करने के लिए क्या कदम उठाए जाने हैं। दूसरे तीनों इलाकों में गश्त की बहाली भी अहम मुद्दा है।

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