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यूपी पंचायत इलेक्शन : जानिए क्यों हो रही है 2015 में हुए चुनाव की स्क्रूटनी :

संगबाद भास्कर न्यूज़ डेस्क : प्रधानी चुनाव में हिंसक घटनाएं न हों इसके लिए पुलिस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। शहर से जुड़े गांवों की स्क्रूटनी के अलावा पिछले चुनावों में हुई हिंसक घटनाओं में नामजद हुए आरोपितों का सत्यापन कराया जा रहा है। अवैध शराब और असलहों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। इसके लिए कटरी क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।

ग्रामीण इलाकों के अलावा शहर के कोहना, ग्वालटोली, नवाबगंज, पनकी और बिठूर थाना क्षेत्र में 84 गांव है जहां पर प्रधानी के चुनाव होंगे। एसपी पश्चिमी डा. अनिल कुमार ने बताया कि इन सभी गांवों में बीते तीन बार के प्रधानी चुनाव में हिंसक मामलों में दर्ज हुई रिपोर्ट्स का आंकलन किया जा रहा है। इन रिपोर्ट्स में जो नामजद किए गए थे, वह वर्तमान में कहां है और क्या कर रहे हैं इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा अवैध असलहों और शराब को लेकर भी अलर्ट किया गया है। चौकी इंचार्ज और बीट प्रभारियों की गश्त और ग्रामीण लोगों से मेलजोल बढ़ाने के साथ उनसे सूचनाएं निकलवाने के लिए कहा गया है। एसपी ने कहा शराब और असलहों के लेकर पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डा. अनिल कुमार, एसपी पश्चिमी कहते हैं कि प्रधानी चुनाव में हिंसा न हो इसके लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी सूरत में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुराने सभी आरोपितों को सत्यापित कराया जा रहा है। इन सभी को पाबंद कराने की कार्रवाई जल्द शुरू करा दी जाएगी।

नवाबगंज सबसे अधिक संवेदनशील
नवाबगंज थानाक्षेत्र को सबसे अधिक संवेदनशील माना गया है। इसमें ग्राम पंचायत कटरी शंकरपुर सराय हैं जिससे हाल ही में पुलिस ने बड़े भू माफिया प्रधान पति रामदास को जेल भेजा था। यहीं पर जमीनों को लेकर सबसे ज्यादा विवाद भी हुए हैं।

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