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राज्यसभा में भारतीय मिर्च पर रिसर्च के लिए राष्ट्रीय संस्थान बनाने की किसने की मांग और क्यों? जानें :

संगबाद भास्कर न्यूज़ डेस्क : राज्यसभा में गुरुवार को भाजपा के एक सदस्य ने भारतीय मिर्च पर अनुसंधान के लिए एक राष्ट्रीय संस्थान स्थापित किए जाने की मांग की। भाजपा के जीवीएल नरसिंह राव ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा मिर्च उत्पादक देश है। उन्होंने कहा ”हमारे यहां दुनिया की करीब 40 फीसदी मिर्च का उत्पादन होता है। इतना ही नहीं, पूरी दुनिया में भारत से मिर्च का निर्यात 50 फीसदी से अधिक है। पिछले करीब पांच साल में तो यह निर्यात दोगुना से अधिक हुआ है।

राव ने कहा कि कई बीमारियों के इलाज में कारगर मिर्च का पिछले कुछ वर्षों में उत्पादन भी बढ़ा है। साथ ही सरकार भी नकदी फसलों को बढ़ावा दे रही है तथा मिर्च उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय मिर्च की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए एक राष्ट्रीय मिर्च अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए।

शून्यकाल में भाजपा के ही ले.ज. (अवकाशप्राप्त) डॉ डी पी वत्स ने युद्ध में जान गंवाने वाले भारतीय जवानों की विधवाओं को सेना में नौकरी दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं को सेना में सीधी भर्ती किए जाने का प्रावधान है। कुछ महिलाएं तो इसके लिए आवश्यक अहर्ताएं, औपचारिकताएं, प्रशिक्षण पूरा कर लेती हैं और उन्हें भर्ती कर लिया जाता है। लेकिन कुछ रह जाती हैं। कभी इसका कारण सेना में रिक्तियां न होना भी रहता है।

वत्स ने सरकार से इसके लिए सेना में रिक्तियां बढ़ाने की मांग की। शून्यकाल में कांग्रेस के राजीव सातव ने दिव्यांगों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 2016 में दिव्यांगों के कल्याण के लिए कानून बनाया गया लेकिन इस कानून का कार्यान्वयन संबंधित आयोग में मुख्य आयुक्त की पूर्णकालिक नियुक्ति पर निर्भर करता है।

उन्होंने कहा कि इस पद पर शीघ्र नियुक्ति की जानी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय न्यास और पुनर्वास आयोग के अध्यक्ष की भी नियुक्ति की जाए ताकि दिव्यांगों की राह आसान हो सके। आम आदमी पार्टी के नारायण दास गुप्ता ने दिल्ली में कुछ मेट्रो स्टेशनों पर एक ही गेट खोले जाने का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों पर केवल एक ही द्वार खोला जा रहा है। इसकी वजह से स्टेशन के अंदर जाने या बाहर आने वाले यात्रियों की लंबी कतारें लग जाती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ स्टेशनों पर सभी चारों गेट खोले जा रहे हैं। लेकिन कुछ में केवल एक ही गेट खोला जा रहा है। बहरहाल, अब कोविड-19 महामारी पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। केंद्रीय सचिवालय और कृषि भवन मेट्रो स्टेशनों पर नए संसद भवन के निर्माण की वजह से एक ही गेट खोला जा रहा है। इससे लोगों को असुविधा होती है।

गुप्ता ने मांग की कि मेट्रो स्टेशनों पर सभी चारों गेट खोले जाएं। कांग्रेस के एल हनुमंतैया ने कर्नाटक स्थित कन्नड़ शास्त्रीय भाषा संस्थान को स्वायत्त संस्थान का दर्जा दिए जाने की मांग की। भाजपा की संपतिया उइके ने गोंडी भाषा को सरकारी कामकाज की भाषा बनाए जाने की मांग की। माकपा के इलामारम करीम और झरना दास वैद्य ने भी शून्यकाल में अपने अपने मुद्दे उठाए।

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