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Bhaum Pradosh Vrat Katha: भौम प्रदोष व्रत आज, मंगलवार के दिन प्रदोष व्रत में पढ़ी जाती है हनुमान जी से जुड़ी ये व्रत कथा :

संगबाद भास्कर न्यूज़ डेस्क : Bhaum Pradosh Vrat Katha: माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 09 फरवरी 2021 यानी आज मंगलवार को प्रदोष व्रत है।

आज मंगलवार होने के कारण भौम प्रदोष व्रत का शुभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भौम प्रदोष व्रत में भगवान शिव के साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से भगवान शिव और हनुमान जी भक्त की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं। प्रदोष व्रत रखने से सुख-समृद्धि और विवाह में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं। प्रदोष व्रत में व्रत कथा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन व्रत कथा पढ़ने या सुनने वाले को संकटों से मुक्ति मिलती है। पढ़ें यहां भौम प्रदोष व्रत कथा-

भौम प्रदोष व्रत तिथि व शुभ मुहूर्त-

भौम प्रदोष व्रत तिथि- 9 फरवरी 2021
माघ मास कृष्ण त्रयोदशी आरंभ- 9 फरवरी 2021 दिन मंगलवार प्रात: 03 बजकर 19 मिनट से।
कृष्ण त्रयोदशी समाप्त- 10 फरवरी 2021 बुधवार प्रात: 02 बजकर 05 मिनट पर।
पूजा का शुभ मुहूर्त ( प्रदोष काल)- 9 फरवरी 2021 को शाम 06 बजकर 03 मिनट से आरंभ होकर रात 08 बजकर 40 मिनट तक।

Bhaum Pradosh Vrat Katha: भौम प्रदोष व्रत आज, मंगलवार के दिन प्रदोष व्रत में पढ़ी जाती है हनुमान जी से जुड़ी ये व्रत कथा
Bhaum Pradosh Vrat Katha: भौम प्रदोष व्रत आज, मंगलवार के दिन प्रदोष व्रत में पढ़ी जाती है हनुमान जी से जुड़ी ये व्रत कथा

Bhaum Pradosh Vrat Katha: माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 09 फरवरी 2021 यानी आज मंगलवार को प्रदोष व्रत है। आज मंगलवार होने के कारण भौम प्रदोष व्रत का शुभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भौम प्रदोष व्रत में भगवान शिव के साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से भगवान शिव और हनुमान जी भक्त की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं। प्रदोष व्रत रखने से सुख-समृद्धि और विवाह में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं। प्रदोष व्रत में व्रत कथा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन व्रत कथा पढ़ने या सुनने वाले को संकटों से मुक्ति मिलती है। पढ़ें यहां भौम प्रदोष व्रत कथा-

भौम प्रदोष व्रत तिथि व शुभ मुहूर्त-

भौम प्रदोष व्रत तिथि- 9 फरवरी 2021
माघ मास कृष्ण त्रयोदशी आरंभ- 9 फरवरी 2021 दिन मंगलवार प्रात: 03 बजकर 19 मिनट से।
कृष्ण त्रयोदशी समाप्त- 10 फरवरी 2021 बुधवार प्रात: 02 बजकर 05 मिनट पर।
पूजा का शुभ मुहूर्त ( प्रदोष काल)- 9 फरवरी 2021 को शाम 06 बजकर 03 मिनट से आरंभ होकर रात 08 बजकर 40 मिनट तक।

भौम प्रदोष व्रत कथा-

एक समय की बात है। एक स्थान पर एक वृद्ध महिला रहती थी। उसका एक बेटा था। वह वृद्धा हनुमान जी की भक्त थी। हमेशा हनुमान जी की पूजा विधिपूर्वक करती थी। मंगलवार को वह हनुमान जी की विशेष पूजा करती थी। एक बार हनुमान जी ने अपने भक्त उस वृद्धा की परीक्षा लेनी चाही।

वे एक साधु का वेश धारण करके उसके घर आए। उन्होंने आवाज लगाते हुए कहा कि कोई है हनुमान भक्त, जो उनकी इच्छा को पूर्ण कर सकता है। जब उनकी आवाज उस वृद्धा के कान में पड़ी, तो वह जल्दी से बाहर आई। उसने साधु को प्रणाम किया और कहा कि आप अपनी इच्छा बताएं।

इस पर हनुमान जी ने उससे कहा कि उनको भूख लगी है, वे भोजन करना चाहते हैं, तुम थोड़ी सी जमीन लीप दो। इस पर उसने हनुमान जी से कहा कि आप जमीन लीपने के अतिरिक्त कोई और काम कहें, उसे वह पूरा कर देगी।

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हनुमान जी ने उससे अपनी बातों को पूरा करने के लिए वचन लिया। तब उन्होंने कहा कि अपने बेटे को बुलाओ। उसकी पीठ पर आग जला दो। उस पर ही वे अपने लिए भोजन बनाएंगे। हनुमान जी की बात सुनकर वह वृद्धा परेशान हो गई। वह करे भी तो क्या करे। उसने हनुमान जी को वचन दिया था। उसने आखिरकार बेटे को बुलाया और उसे हनुमान जी को सौंप दिया।

हनुमान जी ने उसके बेटे को जमीन पर लिटा दिया और वृद्धा से उसकी पीठ पर आग जलवा ​दी। वह वृद्धा आग जलाकर घर में चली गई। कुछ समय बाद साधु के वेश में हनुमान जी ने उसे फिर बुलाया। वह घर से बाहर आई, तो हनुमान जी ने कहा कि उनका भोजन बन गया है। बेटे को बुलाओ ताकि वह भी भोग लगा ले। इस पर वृद्धा ने कहा कि आप ऐसा कहकर और कष्ट न दें। लेकिन हनुमान जी अपनी बात पर अडिग थे। तब उसने अपने बेटे को भोजन के लिए पुकारा। वह अपनी मां के पास आ गया। अपने बेटे को जीवित देखकर वह आश्चर्यचकित थी। वह उस साधु के चरणों में नतमस्तक हो गई। तब हनुमान जी ने उसे दर्शन दिया और आशीर्वाद दिया।

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